मौसम अपडेट: पूर्वी भारत में भारी बारिश, पश्चिम में भीषण गर्मी का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से उठे डीप डिप्रेशन के कारण पूर्वी राज्यों में रेड अलर्ट और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का सितम जारी है।
Audio news · short story
~4 min · real voice narration

बंगाल की खाड़ी से उठा 'डीप डिप्रेशन' यानी गहरा कम दबाव का क्षेत्र भारतीय उपमहाद्वीप में दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों के बीच का अंतर स्पष्ट कर रहा है। एक तरफ पूर्वी और मध्य भारत के राज्य मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी का दौर जारी है। यह स्थिति दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के विदाई चरण के दौरान विकसित हुई है।
डीप डिप्रेशन की वर्तमान स्थिति
23 सितंबर 2026 की सुबह 5:30 बजे यह मौसमी तंत्र कलिंगपट्टनम से लगभग 70 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण की दिशा में सक्रिय था। अपनी पूरी तीव्रता के साथ यह सिस्टम 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चला रहा था, जो कभी-कभी 75 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों तक पहुंच रही थीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ट्रैकिंग के अनुसार, इस सिस्टम ने 23 सितंबर की रात 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच तट को पार किया।
तटीय इलाकों में पहुँचने से ठीक पहले हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा बनी रही, जिसमें 70 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंके शामिल थे। मौसम विज्ञानियों के विश्लेषण के अनुसार, एल नीनो के प्रभाव ने इस सिस्टम को ऊर्जा प्राप्त करने से रोका, जिससे यह एक पूर्ण चक्रवात के रूप में विकसित नहीं हो पाया। यह एक सामान्य डीप डिप्रेशन बनकर रह गया। पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम तक यह सिस्टम और कमजोर होकर सामान्य डिप्रेशन में बदल जाएगा और 25 सितंबर की शाम तक इसका प्रभाव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।
मौसम चेतावनी और क्षेत्रीय प्रभाव
इस सिस्टम ने पूर्वी और मध्य भारत के बड़े हिस्से के लिए गंभीर खतरे की घंटी बजा दी है। प्रशासन ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचने की आशंका है। इसके अलावा, बिहार, झारखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति | चेतावनी स्तर |
|---|---|---|
| ओडिशा | मूसलाधार बारिश | रेड अलर्ट |
| आंध्र प्रदेश | मूसलाधार बारिश | रेड अलर्ट |
| छत्तीसगढ़ | मूसलाधार बारिश | रेड अलर्ट |
| तेलंगाना | मूसलाधार बारिश | रेड अलर्ट |
| बिहार | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| झारखंड | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| विदर्भ | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| पश्चिम बंगाल | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| सिक्किम | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| राजस्थान | भीषण गर्मी | सामान्य |
| गुजरात | भीषण गर्मी | सामान्य |
| दिल्ली-एनसीआर | शुष्क गर्मी | सामान्य |
समुद्र की स्थिति इस समय बेहद प्रतिकूल बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में ऊंची लहरें और तेज़ हवाओं को देखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र के भीतर न जाएं। यह पाबंदी अगले कुछ दिनों तक प्रभावी रह सकती है जब तक कि सिस्टम पूरी तरह से जमीन के भीतर जाकर कमजोर नहीं पड़ जाता।
कृषि और मिट्टी की नमी का संकट
इस वर्ष मॉनसून का वितरण काफी असमान रहा है। महालनोबिस नेशनल क्रॉप फोरकास्ट सेंटर (NCFC) द्वारा 21 सितंबर 2026 को आयोजित क्रॉप वेदर वॉच बैठक में यह सामने आया कि देश के कई प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों में खेती का चक्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। 1 जुलाई से 19 सितंबर 2026 के बीच राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा में लंबी सूखी अवधि देखी गई। इन राज्यों में दो से तीन सप्ताह तक बारिश नहीं हुई, जिसे 25 किलोमीटर ग्रिड आधारित विश्लेषण में 'सूखा दिन' (2.5 मिलीमीटर से कम वर्षा) के रूप में परिभाषित किया गया।
इस लंबे शुष्क अंतराल का सीधा असर ज़मीन की नमी पर पड़ा है। रूट ज़ोन सॉइल मॉइस्चर (RZSM) के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश के कई हिस्सों में मिट्टी की नमी 2016 से 2025 के दस साल के औसत से काफी नीचे चली गई है। NCFC अब सैटेलाइट रडार, वनस्पति सूचकांक (Vegetation Indices) और IMD के जिला-स्तरीय वर्षा आंकड़ों के माध्यम से इन सूखाग्रस्त क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। धान की रोपाई में देरी और कुछ क्षेत्रों में फसलें पूरी तरह सूख जाने के कारण, कई किसानों ने मजबूरन वैकल्पिक फसलों की ओर रुख किया है। यह बदलाव खरीफ सीजन की कुल पैदावार को प्रभावित कर सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी की मार
पूर्वी भारत में बारिश की मार के बीच, उत्तर-पश्चिम भारत का नज़ारा बिल्कुल विपरीत है। यहाँ मॉनसून की विदाई के बाद आसमान साफ होने से तापमान में तेजी आई है। राजस्थान के जैसलमेर में पारा 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस समय के सामान्य तापमान से काफी अधिक है। दिल्ली-एनसीआर में भी गर्मी का असर बरकरार है, जहां तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
इस विरोधाभास का कारण मॉनसूनी हवाओं की दिशा और बंगाल की खाड़ी से आने वाले सिस्टम का प्रभाव है। पूर्वी राज्यों में नमी और बादल छाए रहने से तापमान नियंत्रित है, लेकिन शुष्क पश्चिमी हवाएं उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी को बढ़ा रही हैं।
मौसम की स्थिति: एक सावधानी का समय
इस समय पूर्वी भारत में रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात बाधित होने की पूरी संभावना है। स्थानीय आपदा प्रबंधन इकाइयों के निर्देशों का पालन करना ही एकमात्र विकल्प है। वहीं, मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की हिदायत दी गई है क्योंकि हवा की गति और समुद्र की लहरें किसी भी समय खतरनाक हो सकती हैं।
कृषि क्षेत्र में, जहाँ मिट्टी की नमी का स्तर चिंताजनक है, वहां आने वाले दिनों में बारिश होने पर ही स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, मौजूदा डीप डिप्रेशन के रास्ता बदलने से इन सूखे प्रभावित राज्यों को कितनी राहत मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं है। NCFC की निगरानी यह सुनिश्चित करती है कि सरकार के पास समय रहते डेटा उपलब्ध हो ताकि वे प्रभावित किसानों के लिए राहत कार्य शुरू कर सकें।
यह मौसमी स्थिति 25 सितंबर तक पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। तब तक, उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी का दौर जारी रहेगा और पूर्वी भारत को तूफानी बारिश का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की तरफ से समय-समय पर जारी किए जा रहे अपडेट ही इस दौरान सबसे विश्वसनीय जानकारी के स्रोत हैं। विशेष रूप से तटीय इलाकों में रहने वालों को सलाह दी जाती है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और बिजली के खंभों या कच्चे मकानों के पास रहने से परहेज करें। जैसे-जैसे सिस्टम कमजोर होगा, हवा की रफ्तार घटेगी और बारिश का दायरा भी सिमटेगा, लेकिन अगले 48 घंटे इन प्रभावित राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
References
- 1Daily weather tracker: Extreme rain in east, intense heat in west as deep ...
- 2Deep depression triggers extremely heavy rainfall and stormy winds ...
- 3Deep depression in Bay of Bengal could bring extremely heavy rainfall ...
- 4A deep depression moving inland from the Bay of Bengal is bringing ...
- 5Monsoon withdrawal & growing drought crisis across states
- 6The southwest monsoon is back on track across India, bringing heavy ...
Frequently asked questions
›डीप डिप्रेशन क्या होता है?
यह कम दबाव का एक शक्तिशाली क्षेत्र है जो तेज हवाओं और भारी बारिश का कारण बनता है।
›क्या यह चक्रवात में बदल सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार अल नीनो के प्रभाव के कारण इसके चक्रवात बनने की संभावना नहीं है।
›बारिश का सबसे ज्यादा असर कहाँ है?
ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी है।
›राजस्थान में इतनी गर्मी क्यों है?
मॉनसून की विदाई के कारण राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 42.9 डिग्री तक पहुँच गया है।
›मछुआरों को क्या हिदायत है?
समुद्र की स्थिति खराब होने के कारण उन्हें बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है।
›क्या दिल्ली में बारिश की उम्मीद है?
फिलहाल नहीं, मॉनसून की विदाई के बाद दिल्ली-एनसीआर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
›मिट्टी की नमी कम होने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि मिट्टी में पानी का स्तर 2016-2025 के औसत से कम है।
›यह सिस्टम कब तक कमजोर होगा?
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम तक इसके सामान्य डिप्रेशन में बदलने की उम्मीद है।
›किसान अपनी फसल कैसे बचाएं?
किसान महालनोबिस नेशनल क्रॉप फोरकास्ट सेंटर और स्थानीय कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
›क्या यह गर्मी अब और बढ़ेगी?
मॉनसून की विदाई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
Sources referenced
- Daily weather tracker: Extreme rain in east, intense heat in west as deep ...
- Deep depression triggers extremely heavy rainfall and stormy winds ...
- Deep depression in Bay of Bengal could bring extremely heavy rainfall ...
- A deep depression moving inland from the Bay of Bengal is bringing ...
- Monsoon withdrawal & growing drought crisis across states
- The southwest monsoon is back on track across India, bringing heavy ...
- Deep Depression over Westcentral and adjoining northwest Bay of ...



